काला मोतिया, जिसे ग्लूकोमा भी कहा जाता है, एक गंभीर नेत्र रोग है जो धीरे-धीरे आंख की ऑप्टिक नर्व, यानी दृष्टि तंत्रिका को नुकसान पहुंचाता है। यदि इसका उचित समय पर उपचार नहीं किया गया, तो यह स्थायी दृष्टिहीनता का कारण बन सकता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि काला मोतिया अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होता है, जिससे इसे "साइलेंट विज़न थीफ" के रूप में जाना जाता है।
यह रोग सामान्यतः आंख के भीतर दबाव (Intraocular Pressure - IOP) के बढ़ने के कारण होता है, लेकिन कुछ मामलों में, सामान्य दबाव के बावजूद भी तंत्रिका को क्षति हो सकती है। इसलिए नियमित रूप से नेत्र जांच कराना अत्यंत आवश्यक है।
आंख के अंदर एक तरल पदार्थ उत्पन्न होता है, जिसे "एक्वियस ह्यूमर" कहा जाता है। यह तरल आंख के सामने के भाग में बनता है और एक विशेष ड्रेनेज एंगल के माध्यम से बाहर निकलता है। जब इस ड्रेनेज प्रणाली में कोई समस्या होती है, तब तरल जमा होने लगती है, जिसके परिणामस्वरूप दबाव में वृद्धि होती है।
इस बढ़े हुए दबाव का प्रभाव ऑप्टिक नर्व पर पड़ता है, जो हमारे मस्तिष्क तक दृश्य संकेतों को पहुंचाती है। यदि ऑप्टिक नर्व को क्षति पहुंचती है, तो दृष्टि में स्थायी रूप से समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यहीं से काला मोतिया, जिसे ग्लूकोमा भी कहा जाता है, की समस्या शुरू होती है।
यह सबसे आम प्रकार है। इसमें ड्रेनेज एंगल खुला रहता है, लेकिन तरल का बहाव धीमा हो जाता है। मरीज को लंबे समय तक कोई लक्षण महसूस नहीं होते।
यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसमें ड्रेनेज एंगल अचानक बंद हो जाता है और आंख का दबाव तेजी से बढ़ता है। लक्षणों में तेज दर्द, सिरदर्द, उल्टी और धुंधली दृष्टि शामिल हैं।
यह बच्चों में होता है। आंखों से पानी आना, रोशनी से डरना और कॉर्निया का बड़ा दिखना इसके संकेत हो सकते हैं।
हालांकि, कभी-कभी बिना किसी स्पष्ट कारण के भी यह हो सकता है।
ओपन एंगल काला मोतिया (ग्लूकोमा) धीरे-धीरे बढ़ता है। पहले परिधीय दृष्टि (साइड विजन) प्रभावित होती है। चूंकि हम आमतौर पर सीधा देखने पर ध्यान देते हैं, इसलिए हमें शुरुआती बदलाव का पता नहीं चलता। यही कारण है कि मरीज अक्सर तब आते हैं जब काफी नुकसान हो चुका होता है।
अगर ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
| जोखिम कारक | विवरण |
|---|---|
| आयु | 40 वर्ष से अधिक |
| परिवारिक इतिहास | माता-पिता को ग्लूकोमा |
| मधुमेह | ब्लड शुगर अनियंत्रित |
| हाई ब्लड प्रेशर | लंबे समय से |
| स्टेरॉयड उपयोग | बिना निगरानी |
अगर आप इन श्रेणियों में आते हैं, तो नियमित जांच करवाना बेहद जरूरी है।
इस जांच में आंख का दबाव मापा जाता है।
OCT Test ऑप्टिक नर्व की संरचना का विश्लेषण करता है।
यह परिधीय दृष्टि की जांच करता है।
ड्रेनेज एंगल की स्थिति देखी जाती है।
ग्लूकोमा का इलाज दबाव कम करने पर केंद्रित होता है।
आई ड्रॉप्स सबसे पहला उपचार है। इन्हें नियमित रूप से इस्तेमाल करना जरूरी है। कई मरीज लापरवाही कर देते हैं - और यही गलती भारी पड़ती है।
Selective Laser Trabeculoplasty (SLT) ड्रेनेज सुधारने में मदद करता है।
जब दवाएं और लेजर काम नहीं करते, तो सर्जरी की जाती है जैसे ट्रैबेकुलेक्टॉमी (Trabeculae) या माइक्रो इनवेसिव ग्लूकोमा सर्जरी (MIGS)।
सच कहें तो, काला मोतिया (ग्लूकोमा) से हुई क्षति वापस नहीं लाई जा सकती। लेकिन समय पर इलाज से रोग की प्रगति रोकी जा सकती है। इसलिए, जल्दी पहचान ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
हालांकि पूरी तरह रोकना संभव नहीं, पर जोखिम कम किया जा सकता है।
हालांकि दुर्लभ है, लेकिन बच्चों में भी हो सकता है। माता-पिता को बच्चों की आंखों में असामान्य बदलाव पर ध्यान देना चाहिए।
40 वर्ष के बाद हर 1-2 वर्ष में व्यापक नेत्र जांच जरूरी है। यदि परिवार में इतिहास है, तो और भी सतर्क रहें।
कई बार मरीज कहते हैं, “हमें तो कोई परेशानी नहीं थी।” लेकिन ग्लूकोमा चुपचाप काम करता है।
काला मोतिया (Glaucoma) के लिए Save Sight Centre क्यों चुनें?
काला मोतिया, जिसे मेडिकल भाषा में Glaucoma कहा जाता है, एक गंभीर नेत्र रोग है जो धीरे-धीरे आंखों की ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाता है और समय रहते इलाज न होने पर स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकता है। यह बीमारी अक्सर शुरुआती चरण में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती है, इसलिए सही समय पर जांच और विशेषज्ञ देखभाल अत्यंत आवश्यक होती है। Save Sight Centre में हम काला मोतिया के हर मरीज की आंखों की गहन और सटीक जांच करते हैं।
हमारे अनुभवी ग्लूकोमा विशेषज्ञ प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करते हैं, जिसमें दवाइयां, लेज़र उपचार या आवश्यक होने पर सर्जरी का विकल्प शामिल हो सकता है।हम समझते हैं कि दृष्टि का महत्व जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा है, इसलिए हमारी टीम संवेदनशील, पारदर्शी और भरोसेमंद देखभाल प्रदान करती है। यदि आपको आंखों में दबाव, धुंधला दिखना, बार-बार सिरदर्द या परिवार में ग्लूकोमा का इतिहास है, तो देर न करें। Save Sight Centre में समय पर जांच और विशेषज्ञ उपचार के साथ अपनी दृष्टि को सुरक्षित रखें, क्योंकि स्वस्थ नजर ही सुरक्षित भविष्य की कुंजी है।
अधिकतर मामलों में नहीं। लेकिन एंगल क्लोजर में तेज दर्द हो सकता है।
हाँ, परिवारिक इतिहास होने पर जोखिम बढ़ जाता है।
अक्सर हाँ। डॉक्टर के निर्देश अनुसार नियमित उपयोग जरूरी है।
नहीं, लेकिन लंबे स्क्रीन समय से आंखों में तनाव हो सकता है।
नहीं, लेकिन दबाव नियंत्रित किया जा सकता है।
हाँ, इसे नॉर्मल टेंशन ग्लूकोमा कहा जाता है।
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